एलएनआईपीई में दीक्षांत समारोह का आयोजन व नवनिर्मित छात्रावास का उद्घाटन संपन्न

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ग्वालियर. लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में गुरूवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास का उद्घाटन व 8वां दीक्षांत समारोह आयोजन हुआ। गुरूवार की सुबह 10.15 बजे पर सर्वप्रथम केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के करकमलों द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास का उद्घाटन हुआ। उदघाट्न समारोह में एलएनआईपीई ग्वालियर के अध्यक्ष, कुलाधिपति एवं  खेल मंत्री विजय गोयल के मुख्य आतिथ्य व सांसद राज्यसभा प्रभात झा  के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। छात्रावास उद्धाटन मे सर्वप्रथम अतिथियों के द्वारा पूजा की गई। उसके उपरांत शिला पट्टिका का विमोचन एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण हुआ इसके बाद फीता काटकर छात्रावास का उदघाटन व निरीक्षण किया।

8वां दीक्षांत समारोह एलएनआईपीई के बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित किया गया। समारोह केंद्रीय मंत्री, नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ, अध्यक्षता माननीय खेलमंत्री विजय गोयल ने की व विशिष्ट अतिथि के रूप में झांसी के रानी लक्ष्मीबाई केंन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह समारोह में उपस्थित रहें। दीक्षांत परेड में सबसे आगे कुलसचिव प्रो. पांडे उनके पीछे समस्त आचार्य, उनके पिछली पंक्ति में संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा व अंतिम पक्ति मे मुख्य अतिथि नरेंद्र तोमर जी एवं संस्थान के कुलाधिपति व अध्यक्ष विजय गोयल जी रहे। दीक्षांत परेड के बहुउदेशीय हाल मे प्रवेश के दौरान आर्मी बैंड की प्रस्तुती चल रही थी। कुलाधिपति द्वारा 8वें दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा की गई। शुभारंभ की घोषणा के साथ ही सभी अतिथियों, आचार्यों व विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना मे हिस्सा लिया। 

कुलपति प्रो. डुरेहा ने सभी छात्रों को उपाधि प्राप्त करने के लिये बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कुलपति प्रो. डुरेहा ने सभा को बताया कि, हम एलएनआईपीई को पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिये प्रयासरत है। इसके लिये पूरा संस्थान परिवार अथक प्रयास कर रहा है। वर्तमान मे हमने दो विश्वविद्यालयों  ऑस्ट्रेलिया व जर्मनी से एमओयू साइन किया है इसके अतिरिक्त हमने नैक निरीक्षण के उपरांत प्राप्त किया है। संबोधन के बाद कुलपति प्रो. डुरेहा ने एकेडमिक काउंसिल एलएनआईपीई के सहमति के साथ उपाधियों को छात्रों के समक्ष वितरित करने की घोषणा की। कुलाधिपति श्री गोयल ने सर्वप्रथम सभी छात्रों को शपथ दिलाई जिसके बाद कुलपति पीएचडी, एमफिल, एमपीएड, पीजी डिप्लोमा, बीपीएड उपाधि वितरण समारोह के अंत में हर सत्र के टॉपर को स्वर्ण पदक भी दिए गए।
इन्हें मिले स्वर्ण पदक

1.गायत्री पांडेएमपीएड अप्रेल 2014

2.मुकेश चंद्र बिष्टएमपीएड अप्रेल 2015

3.हिमानी मेहराएमपीएड अप्रेल 2016

4.रेनू कुमारीबीपीएड अप्रेल 2014

5.मनीष शुक्लाबीपीएड अप्रेल 2015

6.रतनेश कुमारबीपीएड अप्रेल 2016

समस्त उपाधियों के वितरण के पश्चात् कुलपति प्रो. डुरेहा के द्वारा सभी छात्रों को शिक्षण व अपने कार्यक्षेत्र में सत्यता, निष्ठा,  कर्तव्य प्रतिष्ठा के साथ कार्य करने के साथ समाज व देश का अच्छा नागरिक बनने की प्रतिज्ञा दिलायी। प्रतिज्ञा समारोह के पश्चात् कुलसचिव प्रो. पांडे द्वारा उपाधियों की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। अपने संबोधन में प्रो. सिंह ने कहा कि मैं आज देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आप प्रतिभावान छात्रों, माननीय खेलमंत्री विजय गोयल केंन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व कुलपति प्रो. डुरेहा के समक्ष उपस्थित होकर सम्मानित महसूस कर रहा हू। प्राचीन काल से ही खेलों ने मानव के विकास मे अहम योगदान दिया हैं। खेलों के द्वारा व्यक्ति के शारीरिक विकास के साथ ही मानसिक विकास भी होता हैं इसलिए इसे न सिर्फ मनुष्यों के लिए बल्कि राष्ट उददेश्य के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक हैं। 

दीक्षांत संबोधन के पश्चात् मुख्य अतिथि श्री तोमर ने सभा को संबोधित किया और कहा कि दीक्षांत समारोह के इस अवसर पर आप सभी के समक्ष आकर मुझे अत्यंत ही खुशी हुई। मै विजय गोयल का संस्थान आगमन पर अपनी ओर से व समस्त ग्वालियर की ओर से स्वागत करता हूॅ। मै सभी छात्रों को जिन्होने उपाधियॉ प्राप्त की है उन सभी को बधाई देता हूॅ और भविष्य के लिये शुभकामनायें देता हूॅ। यह अद्भूत संयोग है कि, रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि व बलिदान भूमि दो अलग अलग जगहो के कुलाधिपति ।प्रो. पंजाब सिंह। व कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा आज इस समारोह मे एक साथ उपस्थित है। इस संस्थान को स्थापित हुये जितना समय हुआ है उतनी ही मेरी  आयु है। इस संस्थान की खूबसूरती ये है कि, यहॉ संपूर्ण भारत के छात्र छात्रायें मौजूद है। यह संस्थान मिनी इंडिया प्रदर्शिैत करता हैं। मैं एलएनआईपीई के कुलपति प्रो. डुरेहा से आग्रह करना चाहूंगा  कि वह एलएनआईपीई का एक्सटेंशन करें और इसे रांची, देहरादून व अन्य शहरों में स्थापित करें एवं ओलम्पिक, अंर्तराष्टीय खिलाड़ी तैयार करे। ग्वालियर के बारे में बताते हुए श्री तोमर ने कहा कि यह बलिदान की भूमि हैं। यह संगीत के लिहाज से भी खास है। यहां हर संगीत सीखने वाला आता है और तानसेन व मोहम्मद घौस के मकबरे पर सजदा करता है। खेल के लिहाज से भी यह अहम हैं यहां की महिला अकादमी की लड़कियों ने राष्ट्रीय टीम में लगातार अपनी भागीदारी बढ़ायी है व अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इस धरती ने मे. ध्यानचंद, कै. रुपसिंह और शिवाजी पवांर जैसे खिलाडी देश को दिये है। मैं विजय गोयल जी से अनुरोध करता हू कि अगर यहा ै।प् का एक सेंटर मिल जाये तो वो यहा अन्य खेलों जैसे बॉक्सिंग, हॉकी, फुटबाल इत्यादि के बढावे म मदद करेगा। साथ ही में आपसे ये भी अनुरोध करना चाहूंगा कि हमारे यहा रेल्वे का एक टर्फ है जो कि अच्छे हालात में नही है इसे बनवाने मे रेल्वे के साथ वह भी सहयोग करें। श्री तोमर के संबोधन के बाद माननीय श्री प्रभात झा ने सभा को संबोंधित किया उन्होने कुलपति प्रो. डुरेहा को बधाई देते हुये कहा कि उन्हे खुशी है कि यह दीक्षांत समारोह भारतीय परिवेश मे संपन्न हुआ। उन्होने सभी उपाधि प्राप्त छात्रों को बधाई दी। मुख्य अतिथि के संबोधन के पश्चात् संस्थान के कुलाधिपति माननीय मंत्री श्री गोयल का संबोधन हुआ। अपने संबोधन में कुलाधिपति श्री गोयल ने सबका स्वागत व अभिनन्दन किया। श्री गोयल ने सभा को बताया कि एलएनआईपीई मे मेरा यह पहली बार आगमन नहीं है। यह आगमन न सिर्फ कुलाधिपति, खेल मंत्री के तौर पर बल्कि बतौर खिलाडी मैने खो-खो मे दिल्ली की तरफ से, बास्केटबॉल, व श्रीराम कॉलेज की तरफ से टेनिस खेला है। आज यहां आप सभी को देखकर मुझे अपने कॉलेज के दिन याद आ गए। छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, चंद्रशेखर आजाद, सुभाषचंद्र बोस, विवेकानंद, अरविन्दो, सरोजनी नायडू, रानी पद्मिनी, मदर टेरेसा जैसे महान हस्तियों का नाम जुडने के साथ ही आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम भी इस संस्थान से  जुड गया है। हम इन हस्तियों  के नाम पर भवन या कोई इमारत इसलिये नही बनाते कि उनकी पुण्यतिथियों पर हार चढाये जाये बल्कि उनके गुणो को आत्मसात कर सकें। वह इस संस्थान को पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने मे सहायता करेंगे। श्री गोयल ने भारत मे खेलों व खिलाडियों के उत्थान हेतु स्पोर्टस मिनिस्टर सर्च पोर्टल के निर्माण के बारे मे बताया जिसमे उन्होने बताया कि इस पोर्टल पर कोई भी व्यक्ति अपने बच्चे के वीडियो को अपलोड कर सकता है जिसके द्वारा हम उनके कला-कौशल को देखकर उनका चयन करेंगे। चयनित छात्रों को 1000 रु. 5,00,000 प्रति वर्ष 8 साल तक भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा स्कॉलरशिप के तौर पर प्रदान किया जायेगा। श्री गोयल ने अपने अंतिम वाक्यों मे छात्रों से कहा कि अपने लक्ष्य निर्धारित करो और उन्हे पूरा करो। श्री गोयल जी के संबोधन के पश्चात् कुलसचिव प्रो. पांडे ने कुलाधिपति श्री गोयल से दीक्षांत समारोह के समापन के घोषणा का अनुरोध किया जिसके बाद कुलाधिपति श्री गोयल ने दीक्षांत समारोह के समापन की औपचारिक घोषणा की। घोषणा के उपरांत राष्टगान के साथ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। 

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