मप्र में पर्यटन विकास की प्रचुर संभावनायें- केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर

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ग्वालियर ग्वालियर.चंबल अंचल सहित सम्पूर्ण मप्र  में पर्यटन विकास की प्रचुर संभावनायें हैं। आवश्यकता है शासकीय संवर्धन और सामाजिक संरक्षण की। जब हम अपनी विरासत को सहेजते और संवारते हुए प्रमोट करेंगे,  तो कोई कारण नहीं है कि हमारा अंचल देश.विदेश के क्षितिज पर उत्तम पर्यटन क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान न बना सकेश्। यह बात केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मप्र  राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित पर्यटन विमर्श कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही।

मप्र  राज्य पर्यटन विकास निगम के तत्वावधान में पर्यटन विमर्श कार्यक्रम आयोजित 

होटल तानसेन रेसीडेंसी के सभागार में  मप्र में पर्यटन चुनौतियाँ एवं संभावनायें विषय पर आयोजित इस विमर्श कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने की। कार्यक्रम में प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, मप्र  राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक अंचल के व्यापार, उद्योग, पर्यटन,  साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़ी हुईं अंचल की नामचीन हस्तियाँ, निगम के प्रबंध संचालक हरिरंजन राव, संभाग आयुक्त एसएन रूपला, कलेक्टर ग्वालियर डॉ संजय गोयल, कलेक्टर मुरैना विनोद शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। 

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर ने कहा कि देश और प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा  स्‍वदेश दर्शन योजना  प्रारंभ की गई है। जिसके माध्यम से ऐसे सभी स्थल जिनमें देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है,  उन स्थानों को इस योजना के माध्यम से संरक्षित करने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा मुरैना से लेकर ओरछा तक के हैरीटेज सर्किट को विकसित करने के लिये 99 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें से 26 करोड़ रूपए के कार्य चंबल गोल्डन ट्रंगुलर पर खर्च किए जायेंगे। इसका केन्द्र ग्वालियर को बनाया गया है। 

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि ग्वालियर अंचल पर्यटन और संस्कृति की दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र है। इस क्षेत्र को विकसित करने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारत सरकार द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैंए उसके कारण अंचल को पूरे देश में एक नई पहचान मिल सकेगी। 

नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में अनेक ऐसे पर्यटन स्थल हैंए जिन्हें प्रमोट करके देश और विदेश में लोकप्रिय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर विकसित किए गए नर्मदा नदी पर स्थित हनुवंतिया टापू को मध्यप्रदेश का सिंगापुर कहा जा सकता है। उन्होंने भारत सरकार के पर्यटन विभाग का कार्यालय इंदौर के स्थान पर ग्वालियर स्थानांतरित करने की सलाह भी दी। 

उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि ग्वालियर शहर पर्यटन और पुरातात्विक दृष्टि से समृद्ध है। उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर लाईट एण्ड साउण्ड कार्यक्रम प्रारंभ करने, नवीन संग्रहालय स्थापित करने और 1857 क्रांति पार्क विकसित करने की सलाह दी। 

इससे पूर्व पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि निगम द्वारा प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों पर पर्यटन संवाद का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ये दूसरा आयोजन ग्वालियर संभागीय मुख्यालय पर आयोजित किया गया है। इससे पूर्व इसी तरह का आयोजन उज्जैन शहर में किया जा चुका है। निगम के प्रबंध संचालक डॉण् हरिरंजन राव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन की स्थितिए प्रदेश की अधोसंरचना और टूरिज्म को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिये सरकार द्वारा बनाई गई कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में विस्तार से बतलाया। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा पर्यटक स्थलों पर सोविनियर शॉप,  कैफेटेरिया,  पार्किंग,  पाथवे, टॉयलेट ब्लॉक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट,  पीने के पानी की सुविधा,  बैंचेस,  डस्टबिन,  सोलर फोकस लाईट, सौंदर्यीकरण के अन्य कार्य कराए जाना प्रस्तावित है। 

विमर्श के दौरान आए महत्वपूर्ण सुझाव 

नईदिल्ली से आगरा आने वाले पर्यटकों को मध्यप्रदेश में आने के लिये आकर्षित करने की योजना तैयार की जाए। 

प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के वैलकम के साथ.साथ महत्वपूर्ण स्थलों,व्यक्तियों, होटलए टूर एण्ड ट्रेवल्‍स एजेन्सियों की जानकारी निगम द्वारा उपलब्ध कराई जाए। 

ग्वालियर टूरिज्म काउन्सिल को पुनर्जीवित किया जाए। 

दतिया अंचल में आद्यात्मिक टूरिस्ट सर्किट विकसित करने का सुझाव। 

मणिखेड़ा और नरवर क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव। 

ग्वालियर उत्सव आयोजित किए जाने का सुझाव। 

चंबल में वाईल्ड लाईफ गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। 

शहर के हृदय स्थल महाराज बाड़े की ऐतिहासिक भवनों को पुरातात्विक दृष्टिकोंण से संरक्षित कर हैरीटेज क्षेत्र विकसित किए जाने का सुझाव। 

नैरोगेज ट्रेन को संरक्षित करने का सुझाव। 

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