पुराने शासकीय भवनों को मिलेगा नया आकार- कलेक्टर डॉ गोयल

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ग्वालियर शहर के पुराने शासकीय भवनों को पुनर्घनत्वीकरण योजना में सम्मिलित कर नया स्वरूप और आकार प्रदान किया जायेगा। इसके लिये लोक निर्माण विभाग और पुरातात्विक विभाग संयुक्त सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करे। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ संजय गोयल ने स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। 

डॉ संजय गोयल ने कहा कि ग्वालियर शहर को स्मार्ट बनाने के लिये आवश्यक है कि यहाँ की अधोसंरचना को स्मार्ट बनाया जाए। साथ ही शहर के ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्वरूप को बरकरार रखते हुए शहर के पर्यावरण,  यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर के ऐसे सभी पुराने शासकीय भवन जो अपनी आयु पूर्ण कर चुके हैं, उनके स्थान पर आधुनिक सुख.सुविधा सम्पन्न भवनों का निर्माण कराया जाए। इसी कड़ी में उन्होंने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को ऐसे सभी शासकीय विभागों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 
पुरातात्विक भवनों के संरक्षण और रख.रखाव

डॉ गोयल ने कहा कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चयनित महाराज बाड़ा क्षेत्र के सभी पुरातात्विक भवनों के संरक्षण और रख.रखाव के लिये प्रस्ताव तैयार किए जाएँ। उन्होंने पुराने कलेक्ट्रेट भवन गोरखी में स्थित ट्रेजरी कार्यालय को संरक्षित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा यह स्टेट टाइम में बनाया गया कोषालय है, जो आने वाले पर्यटकों के लिये दर्शनीय स्थल बन सकता है। इसके लिये पुरातत्व विभाग की मदद लेकर उसे संरक्षित कराया जाए। इसके साथ ही महाराज बाड़ा स्थित नगर निगम के पूर्व ऑफिस और टाउन हॉलए विक्टोरिया मार्केट, सेंट्रल लाइब्रेरी के भवन को सुरक्षित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती विदिशा मुखर्जी को दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाए जाने वाले भवन या अन्य स्ट्रक्चर के लिये अगर जमीन की आवश्यकता होगी तो जिला प्रशासन वन विभाग से भूमि एक्सचेंज कर प्रदान करेगा। 
चिड़ियाघर के कैंसर पहाड़ी के समीप स्थानांतरित कराया जाना है

उन्होंने फूलबाग पर स्थित चिड़ियाघर के कैंसर पहाड़ी के समीप स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव में ढ़िलाई पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा यह कार्य ईको टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से कराया जाना है। डॉ गोयल ने रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा के समीप स्थित शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा पुरातात्विक दृष्टिकोंण से विकसित करने तथा बैजाताल को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के लिये कराए जाने वाले कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के निर्देश भी दिए। 
प्रस्तावित 100 बिस्तर वाले हॉस्पिटल

जयारोग्य चिकित्सालय परिसर में प्रस्तावित 100 बिस्तर वाले हॉस्पिटल की प्रगति की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि परिसर में खुली भूमि की कम उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रस्ताव मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के तैयार किए जाएँ। उन्होंने जयारोग्य चिकित्सालय में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दीनदयाल रसोई की एक शाखा परिसर में भी प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। डॉण् गोयल ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिये ऐसी सभी इकाईयों जो प्रदूषण फैला रही हैंए उन्हें शहर से बाहर करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश पॉल्यूशन बोर्ड के अधिकारियों को दिए। साथ ही ऐसे शासकीय विभाग जो निर्माणाधीन भवनों को ढ़ककर कार्य नहीं करा रहे हैंए उनको नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। 

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