चीन- भारत में प्रतिवर्ष 4 लाख करोड़ रूपये का सामान बेचता है, तनाव बढ़ता है तो चीन को होगा नुकसान

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नई दिल्ली.  भारत और चीन के रिश्तों में इन दिनों तनाव चल रहा है चीन लगातार भारत को सबक सिखाने की धमकी दे रहा है, लेकिन इतना आसान नहीं है, इसकी वजह से होने वाली कमाई है चीनी कम्पनियां प्रतिवर्ष भारत को लगभग 4 लाख करोड़ रूपये का सामान बेचती है। जबकि भारत, चीन को महज 68 हजार करोड़ रूपये का सामान ही इम्पोर्ट करता है। हालांकि, चीन से होना इम्पोर्ट सस्ता होने की वजह से भारतीय बाजार के लिये भी महत्वपूर्ण है। इसलिये तनाव बढ़ा तो भारत के सामने भीकईै चैलेंज पैदा हो सकते हें 

दोनों देशों को होगा नुकसान, लेकिन चीन  को ज्यादा नुकसान 

इकोनॉमिस्ट मोहन गुरुस्वामी के मुताबिक,  अगर टेंशन बढ़ा तो दोनों देशों को खासा नुकसान होगा। इसमें भारत को ज्यादा नुकसान है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में भारत को डिफेंस पर फोकस करना होगा और उसकी ग्रोथ खासी घट जाएगी।  गुरुस्वामी ने कहा कि भारत की तुलना में चीन की जीडीपी 5 गुना है। ऐसे में भारत को सतर्क रहने की जरूरत है।

भारत के लिये यह चुनौति 

गुरुस्वामी ने कहा कि भारत कंप्यूटर,  स्मार्टफोन,  आईपैड,  केमिकल के लिए काफी हद तक चीन पर डिपेंड है। ऐसे में इनके इंपोर्ट के लिए दूसरे बाजार तलाशने होंगे,  लेकिन चीनी प्रोडक्ट सस्ते होने की वजह भारत के लिए ऐसा करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि टेंशन बढ़ी तो भारत को अपनी जीडीपी ग्रोथ को बरकरार रखने में मुश्किल आएगी। इसके साथ ही भारत,  चीन को बड़ी मात्रा में डायमंड,  जेम्स एंड ज्वैलरी,  पेट्रोलियम,  कॉटन का एक्सपोर्ट करता है। इसलिए हालात बिगड़ने पर भारत को इंपोर्ट के लिए दूसरे बाजार तलाशने होंगे।

भारत के एक्सपोर्ट से चीन में भी चिंता

भारत को काफी एक्सपोर्ट होने की वजह से चीन में भी खलबली है। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने हाल की अपनी रिपोर्ट पर चिंता जाहिर की थी।   उसने लिखा था कि एक्सपोर्ट को लेकर भारत पर बढ़ती डिपेंडेंसी चीन के लिए खतरा बन सकती है। इसके मुताबिक,  भारत अगर चीनी गुड्स पर अचानक बंदिशें लगाता है तो उसके ट्रेड को झटका लग सकता है।

भारत के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है चीन

फाइनेंशियल ईयर 2016.17 में चीन ने भारत को करीब 4.11 लाख करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया। इससे उलट भारत ने करीब 68 हजार करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया। इस लिहाज से चीन खासा फायदे में है।  अगर टेंशन बढ़ी तो भारत से चीन को होने वाली कमाई को झटका लग सकता है। चीन के बाद भारत को इम्पोर्ट करने वालों में अमेरिका ;1.48 लाख करोड़ और यूएई (1.43 लाख करोड़) का नंबर आता है।

चीन का चौथा बड़ा पार्टनर भारत

 अगर चीन के ट्रेड सरप्लस के लिहाज से देखें तो भारत उसका चौथा बड़ा पार्टनर है।  ट्रेड सरप्लस का मतलब ऐसे देशों से है, जहां इंपोर्ट की कम्पेयरिंग में चीन ज्यादा एक्सपोर्ट करता है या चीन का सामान उन देशों में ज्यादा बिकता है।

ये हैं 2016 के ट्रेड सरप्लस वाले टॉप 5 देश

देशट्रेड सरप्लस

1 हांगकांग18 लाख करोड़ रु (275.3 अरब डॉलर)

2 अमेरिका16.45 लाख करोड़ रु (253.1 अरब डॉलर)

3 नीदरलैंड3.12 लाख करोड़ रु (48 अरब डॉलर)

4 भारत3 लाख करोड़ रु (47.2 अरब डॉलर)

5 ब्रिटेन2.44 लाख करोड़ रु (37.6 अरब डॉलर)

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